जिस सुबह उसके बस रूट की जगह एक ऐप ले लेता है, उसी सुबह Leonie छह नंबर की बस को आख़िरी सफ़र पर ले जाती है। मगर उसकी सवारियों को अपनी-अपनी मंज़िलों तक पहुँचना है, और विदाई भी कभी-कभी एक और देरी बन जाती है। यह एक छोटी कहानी है गर्व, जनसेवा और यह जान लेने की कि कब पीछे हट जाना चाहिए।