1 पठन
एक अजनबी शहर से गुज़रता है, और उसे कोई रोक नहीं पाता। हर अध्याय उस किसी एक का है जो उसे एक रात थामे रखता है: उसका नाम, उसकी कहानी, वहाँ खड़े उस आदमी की आकृति। जो उनके पास रह जाता है, वह है वाक्य। जो छूट जाता है, वह है चेहरा। देखे जाने की, और *Grip* यानी पकड़ की, एक छोटी धारावाहिक कथा।