Wanted on sightनज़र में तलब
रोमांस
लेखक
Cecilia roseमार्कस को इज़ेल से पहली ही नज़र में प्यार हो गया था, और उसके बाद पूरे तीन हफ़्ते वह इतना घबराया रहा कि एक शब्द भी न बोल सका। बस दूर से उसे निहारता रहा और चोरी-छिपे मिट्टी में उसकी मूरत गढ़ता रहा।
इज़ेल ने भी उसे ताड़ लिया था।
किसी भी समझदार इंसान की तरह उसने पुलिस को फ़ोन नहीं किया। उसने तय किया कि जो वह देख रही है, वह उसे पसंद है।
जब आख़िरकार वह किराने की दुकान की एक गली में अपने इस "पीछा करने वाले" को घेर लेती है, तो जो कुछ घटता है, वह है एक कोमल, धीमी आँच पर पकती प्रेम कहानी, एक ऐसी बेहद आत्मनिर्भर स्त्री की, जिसने आज तक किसी को अपने क़रीब नहीं आने दिया, और एक बेहद संकोची मूर्तिकार की, जिसमें कभी कोशिश करने की हिम्मत ही नहीं जुटी। एक आइसक्रीम वाली गाड़ी, हाथ से तराशा हुआ चीनी मिट्टी का एक फूल, और घिरकर कबूल किए गए एक इक़रार के बाद, मार्कस उसका हो चुका है।
लेकिन मार्कस की दुनिया सिर्फ़ उसकी अपनी नहीं है। उसकी दबंग माँ उसकी कला, उसके वक़्त और उसकी पूरी ज़िंदगी को अपनी जायदाद समझती है, और इज़ेल के लिए उसमें जगह बनाने का उसका कोई इरादा नहीं।
दो सतर्क दिलों की एक धीमी आँच वाली प्रेम कहानी, जो आख़िरकार एक-दूसरे के लिए अपने दरवाज़े खोल देते हैं।
