Literary Fiction
1 कहानी
साहित्यिक कथा का ज़ोर घटनाओं पर नहीं, अंतर्मन पर होता है। कथानक है, पर वह किसी इंसान पर दबाव डालने के लिए है — और पाठक मशीनरी नहीं, उस इंसान को देख रहा है।
इस शैली की माँग
- ·छोटे दाँव के लिए गहरा ध्यान चाहिए। बाहरी घटना जितनी संकरी हो, भीतरी अनुभव उतना ही सटीक होना चाहिए।
- ·बदलाव पढ़ा जा सके। जो पात्र जहाँ से शुरू हुआ वहीं खत्म हो, पाठक को यह समझ आना चाहिए कि यही त्रासदी क्यों है।
- ·यहाँ आवाज़ सबसे ज़्यादा संरचनात्मक काम करती है। पहले पन्ने पर स्थापित करें और अंत तक थामे रहें।
साहित्यिक के भीतर
ये स्टोरी स्लाइडर्स के लिए शुरुआती आकार हैं। किसी एक को खोलें और उस अंदाज़ में ढली कहानी शुरू करें, या उस आकार के पास की किताबें ब्राउज़ करें।
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